8वां वेतन आयोग और महाराष्ट्र के कर्मचारी
8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए है, जिनमें महाराष्ट्र में तैनात लोग भी हैं। महाराष्ट्र के अपने कर्मचारियों का वेतन संशोधन राज्य सरकार तय करती है।
जाँचा गया 22 अक्टूबर 2026। राज्य के आदेश बदलते रहते हैं; ताज़ा जानकारी अपने कोषागार या विभाग से मिलाएँ।
महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारी
महाराष्ट्र के राज्य कर्मचारियों को महाराष्ट्र नागरी सेवा (सुधारित वेतन) नियम, 2019 के तहत वेतन मिलता है। यह राज्य का सातवां वेतनमान है। वित्त विभाग ने ये नियम 30 जनवरी 2019 को अधिसूचना क्रमांक वेपुर-2019/प्र.क्र.1/सेवा-9 से जारी किए और ये 1 जनवरी 2016 से लागू हैं। ढांचा केंद्र के सातवें वेतन आयोग जैसा है: पुराने मूल वेतन को 2.57 से गुणा करके वेतन मैट्रिक्स में वेतन तय होता है। राज्य के लेवल के नाम अलग हैं (जैसे 5,400 रुपये ग्रेड पे के लिए एस-20), इसलिए लेवल की गिनती केंद्र के मैट्रिक्स जैसी नहीं है। वित्त विभाग के 20 फरवरी 2019 के परिपत्र के अनुसार नया वेतन 1 जनवरी 2019 से नकद मिला। 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2018 तक का बकाया 2019-20 से पांच सालाना किस्तों में दिया गया। स्रोत
महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारियों का DA: 60%, 1 जनवरी 2026 से। स्रोत यह केंद्र की 1 जनवरी 2026 से लागू 60% दर के बराबर है। इस आदेश से पहले दर 58% थी। पेंशनरों के लिए वित्त विभाग के 26 फरवरी 2026 के शासन निर्णय से 1 जुलाई 2025 से महंगाई राहत 55% से बढ़कर 58% हुई, जो 1 फरवरी 2026 से नकद देय है। जो कर्मचारी अब भी पांचवें या छठे वेतनमान पर हैं, उनके लिए अलग आदेशों में अलग दरें हैं।
आदेश: वित्त विभाग का शासन निर्णय क्रमांक मभवा-1326/प्र.क्र.16/सेवा-9, दिनांक 18 अगस्त 2026, संकेतांक 202608181803484905: सातवें वेतन आयोग के संशोधित वेतन ढांचे में मूल वेतन पर महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 से 58% से बढ़कर 60%; जनवरी से जुलाई 2026 के सात महीनों के बकाये के साथ अगस्त 2026 के वेतन में नकद
राज्य कर्मचारियों का अगला वेतन पुनरीक्षण: 22 अक्टूबर 2026 तक महाराष्ट्र सरकार का ऐसा कोई शासन निर्णय, बजट घोषणा या आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति नहीं मिली, जिसमें राज्य कर्मचारियों के नए (आठवें) वेतन पुनरीक्षण के लिए राज्य वेतन आयोग या समिति बनाने की बात हो।
महाराष्ट्र में केंद्र सरकार के कर्मचारी
केंद्रीय कर्मचारियों का पे मैट्रिक्स और DA हर जगह एक है। HRA और परिवहन भत्ता दफ़्तर के शहर पर निर्भर है:
- मुंबईX · ज़्यादा TA
- पुणेX · ज़्यादा TA
- अमरावतीY
- नागपुरY · ज़्यादा TA
- औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर)Y
- नासिकY
- भिवंडीY
- सोलापुरY
- कोल्हापुरY
- वसई-विरारY
- मालेगांवY
- नांदेड़Y
- सांगलीY
महाराष्ट्र की बाकी सभी जगहें Z श्रेणी में हैं: आज 10% HRA।
CGHS यहाँ उपलब्ध है: मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई (एनएमएमसी: वाशी, नेरुल, बेलापुर, ऐरोली), पुणे, नागपुर।
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क्या 8वां वेतन आयोग महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू होगा?
अपने-आप नहीं। 8वां केंद्रीय वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए है; महाराष्ट्र अपने कर्मचारियों का वेतन ख़ुद तय करता है। राज्य कर्मचारियों का अगला वेतन पुनरीक्षण: 22 अक्टूबर 2026 तक महाराष्ट्र सरकार का ऐसा कोई शासन निर्णय, बजट घोषणा या आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति नहीं मिली, जिसमें राज्य कर्मचारियों के नए (आठवें) वेतन पुनरीक्षण के लिए राज्य वेतन आयोग या समिति बनाने की बात हो।
महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारियों का DA कितना है?
महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारियों का DA: 60%, 1 जनवरी 2026 से। यह केंद्र की 1 जनवरी 2026 से लागू 60% दर के बराबर है। इस आदेश से पहले दर 58% थी। पेंशनरों के लिए वित्त विभाग के 26 फरवरी 2026 के शासन निर्णय से 1 जुलाई 2025 से महंगाई राहत 55% से बढ़कर 58% हुई, जो 1 फरवरी 2026 से नकद देय है। जो कर्मचारी अब भी पांचवें या छठे वेतनमान पर हैं, उनके लिए अलग आदेशों में अलग दरें हैं। आदेश: वित्त विभाग का शासन निर्णय क्रमांक मभवा-1326/प्र.क्र.16/सेवा-9, दिनांक 18 अगस्त 2026, संकेतांक 202608181803484905: सातवें वेतन आयोग के संशोधित वेतन ढांचे में मूल वेतन पर महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 से 58% से बढ़कर 60%; जनवरी से जुलाई 2026 के सात महीनों के बकाये के साथ अगस्त 2026 के वेतन में नकद
केंद्र सरकार के HRA के लिए महाराष्ट्र के कौन से शहर X या Y हैं?
मुंबई (X), पुणे (X), अमरावती (Y), नागपुर (Y), औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) (Y), नासिक (Y), भिवंडी (Y), सोलापुर (Y), कोल्हापुर (Y), वसई-विरार (Y), मालेगांव (Y), नांदेड़ (Y), सांगली (Y)। बाकी सब Z।